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CBSE Board Exam 2026: अब ‘डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ से चेक होंगी कॉपियां, जानें छात्रों पर असर

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा की है। बोर्ड ने परीक्षाओं के मूल्यांकन (Evaluation) को और अधिक पारदर्शी, सटीक और तेज़ बनाने के लिए ‘डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) प्रणाली को लागू करने का निर्णय लिया है।

यह कदम न केवल नतीजों को जल्दी घोषित करने में मदद करेगा, बल्कि मानवीय गलतियों (Human Errors) की गुंजाइश को भी लगभग खत्म कर देगा।

क्या है ‘डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM)?

परंपरागत रूप से, शिक्षक कागजी कॉपियों के बंडलों को हाथ से चेक करते थे। लेकिन OSM प्रणाली के तहत:

  1. छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Sheets) को पहले उच्च तकनीक वाले स्कैनर्स से स्कैन किया जाएगा।
  2. इन डिजिटल प्रतियों को एक सुरक्षित क्लाउड पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
  3. मूल्यांकनकर्ता (Evaluators) अपने कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन पर इन कॉपियों को चेक करेंगे और अंकों को डिजिटल रूप से दर्ज करेंगे।

नोट: 2026 में यह प्रणाली मुख्य रूप से कक्षा 12 के लिए लागू की जा रही है, जबकि कक्षा 10 का मूल्यांकन फिलहाल पारंपरिक तरीके से ही जारी रहने की संभावना है।


इस नई प्रणाली के 5 बड़े फायदे

1. टोटलिंग की गलतियों का खात्मा (Zero Calculation Error)

अक्सर कॉपियां चेक करते समय अंकों को जोड़ने में मानवीय त्रुटि हो जाती है। डिजिटल मार्किंग में सॉफ्टवेयर खुद-ब-खुद अंकों को जोड़ता है, जिससे ‘टोटलिंग मिस्टेक’ की संभावना शून्य हो जाती है।

2. कोई भी प्रश्न अनचेक्ड नहीं रहेगा

सिस्टम को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि जब तक शिक्षक हर पन्ने और हर प्रश्न को देख नहीं लेता, तब तक वह फाइल सबमिट नहीं कर पाएगा। इससे छात्रों का नुकसान नहीं होगा।

3. नतीजों में तेज़ी

कॉपियों को एक शहर से दूसरे शहर भेजने का समय बचेगा। शिक्षक सीधे अपने आवंटित लॉगिन से काम शुरू कर सकेंगे, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया तेज़ होगी और रिजल्ट जल्दी आएंगे।

4. अधिक पारदर्शिता और सुरक्षा

डिजिटल कॉपियां खोने या फटने का डर नहीं रहता। साथ ही, बोर्ड रीयल-टाइम में यह ट्रैक कर सकता है कि किस शिक्षक ने कितनी कॉपियां चेक की हैं और उनकी गुणवत्ता क्या है।

5. पर्यावरण के अनुकूल

कागजी काम कम होने से परिवहन और लॉजिस्टिक्स में होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो इसे एक ‘इको-फ्रेंडली’ पहल बनाता है।


शिक्षकों और स्कूलों के लिए चुनौतियाँ

हालाँकि यह एक आधुनिक कदम है, लेकिन इसके क्रियान्वयन के लिए स्कूलों को अपनी तकनीकी बुनियादी संरचना (Infrastructure) को मजबूत करना होगा। हाई-स्पीड इंटरनेट, सुरक्षित सर्वर और शिक्षकों को इस नए सॉफ्टवेयर के लिए विशेष प्रशिक्षण (Training) देना CBSE के लिए एक महत्वपूर्ण कार्य होगा।

छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?

छात्रों के लिए परीक्षा देने का तरीका नहीं बदलेगा। उन्हें अभी भी पेन और पेपर मोड में ही परीक्षा देनी होगी। बदलाव सिर्फ परीक्षा के बाद उनकी कॉपी चेक करने के तरीके में आएगा, जो उनके लिए अधिक निष्पक्ष और त्रुटिहीन साबित होगा।

BSE Board Exam 2026 ke liye ‘Digital On-Screen Marking’ system ki announcement ho gayi hai. Ab kapiyan scan karke digital screen par check hongi. Janiye iska fayda, procedure aur results par hone wala impact is detailed article mein.

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